रायपुर। छत्तीसगढ़ उपचुनाव (Chattishgarh by Election) में सियासी गलियारों के लिए बड़ी खबर है। अमित जोगी का नामांकन खारिज हुआ है। मरवाही से अमित जोगी का नामांकन खारिज हुआ है। ऐसे में अब जोगी परिवार मरवाही से चुनाव नहीं लड़ पाएगा। बता दें कि राज्य गठन के बाद पहली बार बिना जोगी, मरवाही का चुनाव होगा और ऐसे में अमित जोगी के राजनीतिक करियर पर ग्रहण भी लग सकता है।
कांग्रेस के लिए चुनाव के मायने
छत्तीसगढ़ के मरवाही विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस के लिए खासा मायने रखता है। राजनीतिक प्रेक्षकों की मानें तो पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की कांग्रेस से विदाई में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। बघेल केंद्रीय संगठन को यह समझाने में सफल हुए थे कि जोगी के कारण ही कांग्रेस सत्ता का वनवास काट रही है।
जोगी की परंपरागत सीट है
अब तीसरा उपचुनाव मरवाही है, जो जोगी की परंपरागत सीट है। राजनीतिक प्रेक्षकों की मानें तो यह सीट मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कामकाज और उनकी राजनीतिक ताकत का अनुमान लगाएगी। डेढ़ साल से सत्ता में रही कांग्रेस ने किसानों के लिए बेहतर काम का दावा किया है।
ऐसे में मरवाही के वोटर सीएम बघेल के कामकाज पर मुहर लगाते हैं, या फिर अजीत जोगी के निधन के बाद उपजी सहानुभूति के साथ जाते हैं, यह तो समय ही बताएगा। लेकिन नामांकन खारिज होने से अब अमित जोगी और उनकी पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ को बड़ा झटका लगा है।
पूर्व विधायक अमित जोगी ने हाल ही में कहा था कि मरवाही से अजीत जोगी के नाम पर ही चुनाव लड़ा जाएगा। वह भले ही हमारे बीच में नहीं है, लेकिन उनकी विचारधारा, मरवाही की जनता के प्रति उनका प्यार आज भी अमर और जीवित है।


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