छत्तीसगढ़ का भू -गर्भिक एवं स्थलाकृति विभाजन
छत्तीसगढ़ में मुख्य रूप से 05 प्रकार की भू -गर्भिक चट्टानें पायी जाती है.
1 ) आर्कियन शैल (50 %) 2 ) धारवाड़ शैल 3 ) कडप्पा शैल(25 -30 %) 4 ) विंध्यन शैल 5 ) गोंडवाना शैल 6 ) दक्कन ट्रैप
1 . आर्कियन शैल (Archaean Shell ) :
- इस शैल का निर्माण आर्कियन कल्प या युग में लावा के ठन्डे होने से हुआ है.यह जीवाश्म रहित चट्टान है .
- इस चट्टान में ग्रेनाइट ,नीस ,हॉर्न ब्लेट ,फेल्सपार खनिज मुख्य रूप से पाए जाते है.
- यह पृथ्वी की सबसे प्राचीन व गहराई में पाया जाने वाला शैल समूह है.
- आर्कियन शैल छत्तीसगढ़ का सर्वाधिक बड़ा शैल समूह है .
2 . धारवाड़ शैल(Dharwad Shell ) :
- इस शैल का निर्माण प्री केम्ब्रियन कल्प या युग में आर्कियन शैल समूह के अपरदन से हुआ है.
- यह जीवाश्म रहित चट्टान है .
- इस चट्टान में टीन,लौहअयस्क खनिज मुख्य रूप से पाए जाते है.
- यह शैल सर्वाधिक खनिज युक्त चट्टान है.यह शैल समूह मुख्य रूप से बस्तर क्षेत्र में विस्तृत है.
3. कडप्पा शैल(Cuddapah Shell ) :
- इस शैल का निर्माण प्री केम्ब्रियन कल्प और केम्ब्रियन कल्प के बीच ग्रेनाइट चट्टानों के अपरदन से हुआ है.
- इस चट्टान में चुना पत्थर , डोलोमाइट खनिज मुख्य रूप से पाए जाते है.
- छत्तीसगढ़ की दूसरी शैल समूह है जो सर्वाधिक भाग में फैला हुआ है.
4. विंध्यन शैल(Vindhyan rock)
- इस शैल का निर्माण केम्ब्रियन कल्प में कडप्पा चट्टानों के अपरदन से हुआ है.
- यह चट्टान में हीरे के लिए प्रसिद्ध है .
- यह जलज चट्टानें है .
- छत्तीसगढ़ में अल्पमात्रा में पायी जाती है .
5. गोंडवाना शैल(Gondwana Shell) :
- इस शैल का निर्माण त्रियासिक कल्प /युग में अवसादों तथा वनस्पतियों व जीवों के अवशेषों से हुआ है.
- इस चट्टान में कोयला मुख्य रूप से पाया जाता है .
- यह परतदार चट्टान है इसमें जीवाश्म पाया जाता है .
- यह बघेलखण्ड के पठार में पायी जाती है .
6. दक्कन ट्रैप(Deccan Trap)
- ज्वालामुखी से निकले बेसाल्ट युक्त लावा के जमने से इसका निर्माण हुआ है .
- इसमें बाक्साइट मुख्य रूप से पाया जाता है .
- यह चट्टान छत्तीसगढ़ में पाट प्रदेशो में पायी जाती है.


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