खिलजी वंश:1316-1320 ई.
शिहाबुद्दीन उमर ख़िलजी :1316 ई.
1. मालिक काफूर ने अलाउद्दीन के दो पुत्रो खिज्र खां और शल्दी खां की आँखे निकल दी और तीसरे पुत्र मुबारक खां को कैद कर लिया।
2. मालिक काफ़ूर ने अपने 5 वर्षीय पुत्र शिहाबुद्दीन उमर को शासक बनाया और स्वयं उसका नायब एवं संरक्षक बन गया।
3. ठीक 35 दिन बाद अलाउद्दीन के तीसरे पुत्र मुबारक ने मालिक काफ़ूर की हत्या करके शिहाबुद्दीन को गद्दी से हटा कर स्वयं शासक बन गया।
क़ुतुबुद्दीन मुबारक ख़िलजी :1316-1320 ई.
1. मुबारक शाह दिल्ली का प्रथम शासक था जिसने स्वयं को खलीफा घोषित किया। उसने नायब-ए-ममलिकात खुसरो खां को नियुक्त किया जो गुजरात का एक हिन्दू था , जिसने अभी-अभी मुस्लिम धर्म ग्रहण किया था।
2. खुसरो खां अंतिम नायब-ए -ममलिकात था।
3. मुबारकशाह एक कमजोर शासक था वह राजमहल में स्त्रियों के वस्त्र धारण करता था।
4. 15 अप्रैल 1320 ई की रात को खुसरो खां ने अपने सैनिको के साथ महल में प्रवेश किया और मुबारकशाह की हत्या कर दी।
5. खुसरो खां ने स्वयं को सुल्तान घोषित किया।
नासिरुद्दीन खुसरोशाह:1320 ई.
1. अप्रैल 1320 में खुसरो ने कुतुबुद्दीन मुबारक शाह खिलजी की हत्या कर दी और नासिरुद्दीन खुसरोशाह के नाम से शासक बना।
2. उपाधि -पैगम्बर का सेनापति
3. निजामुद्दीन औलिया नासिरूद्दीन खुसरो के गुरू थे।
4. नासिरुद्दीन खुसरोशाह ने सूफी संत निजामुद्दीन औलिया का नैतिक समर्थन प्राप्त था ,किन्तु किसी भारतीय मुसलमान के सुल्तान बनाने से तुर्की अमीरो में ईर्ष्या उतपन्न हो गई।
5. खुसरोशाह के विरुद्ध दीपालपुर के गवर्नर तथा सीमा रक्षक गाजी मालिक को भेजा गया।
6. 5 सितंबर 1320ई. को गाजी मलिक और खुसरो शाह में युद्ध हुआ। जिसमें खुसरो की हार हुई और वह मारा गया।
दूसरे दिन गाजी मलिक ने सीरी महल में प्रवेश किया। अगले दिन 8 सितंबर 1320ई. को सुल्तान बना। इस प्रकार गाजी मलिक, गयासुद्दीन तुगलक नाम से दिल्ली का सुल्तान बना एवं दिल्ली में तुगलक वंश की स्थापना हुई।
नोट :


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