नोबेल पुरस्कार एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिया जाने वाला पुरस्कार है यह अवॉर्ड नोबेल फाउंडेशन द्वारा दिया जाता है। यह स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड बनार्ड नोबेल की याद में दिया जाता है।
अल्फ्रेड बनार्ड नोबेल ने अपनी मृत्यु से पहले अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा एक ट्रस्ट के लिए सुरक्षित रख दिया था। उनकी इच्छा थी कि इन पैसे के ब्याज से हर साल उन लोगों को सम्मानित किया जाए तो मानव जाति के लिए बेहतरीन काम करते हैं। अल्फ्रेड बनार्ड नोबेल की राशि स्वीडिश बैंक में जमा है और इस पर जो ब्याज बनता है उससे हर साल नोबेल फाउंडेशन नोबेल पुरस्कार देता है।
- पहला नोबेल शांति पुरस्कार 1901 में शांति के लिए दिया गया था।
- नोबेल फाउंडेशन द्वारा स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की याद में वर्ष 1901 में शुरू किया गया।
- यह रसायन, साहित्य, शांति, भौतिकी, चिकित्सा और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में विश्व का सर्वोच्च पुरस्कार है।
- अल्फ्रेड नोबेल ने कुल 455 अविष्कार किये जिनमे डायनामाइट का अविष्कार प्रमुख था।
- नोबेल फाउंडेशन की स्थापना 1900 में की गई थी तथा 1901 से नोबेल पुरस्कार दिया जाने लगा।
नोबेल फाउंडेशन(Nobel Foundation) :
इसकी स्थापना 29 जून 1901 में हुई थी। इस फाउंडेशन का उद्देश्य नोबेल पुरस्कार का आर्थिक संचालन करना है। इस फाउंडेशन में कुल पांच लोग होते हैं। इस फाउंडेशन के मुखिया का चयन स्वीडन का किंग ऑफ काउंसिल करता है। हर साल अक्टूबर में नोबेल पुरस्कार का ऐलान होता है।
नोबेल पुरस्कार जीतने वाले लोगों को पुरस्कार और धन राशि 10 दिसंबर को दिया जाता है। बता दें कि 10 दिसंबर को अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि होती है।
नोबेल पुरस्कार विजेता को कितना पैसा मिलता है ?
नोबेल पुरस्कार जीतने वाले व्यक्ति को एक नोबेल पदक और डिप्लोमा के साथ पुरस्कार राशि भी दी जाती है। 2019 के नोबेल पुरस्कार पाने वाले विजेताओं को 9 मिलियन स्वीडिश क्राउन (SEK) दी जाएगी। भारतीय रुपये में इस राशि को कनवर्ट करें तो यह राशि लगभग 6।45 करोड़ रुपये होगी।
बता दें कि यह राशि बढ़ती-घटती रहती है। दरअसल साल 2017 से पहले तक नोबेल पुरस्का4र जीतने वालों को 8 मिलियन स्वीाडिश क्राउन मिलते थे पर साल 2017 में इसे बढ़ाकर 9 मिलियन स्वीाडिश क्राउन (1।12 मिलियन यूएस डॉलर) कर दिया गया है। अगर किसी क्षेत्र में दो या इससे अधिक व्यक्तियों को संयुक्त रूप से नोबेल पुरस्कार दिया जाता है तो उनके बीच राशि का बराबर बंटवारा किया जाता है।
नोबेल पुरस्कार -2020 (Nobel Prize 2020) :
1. Nobel Prize in PHYSICS 2020 :
- इस साल भौतिकी में नोबेल पुरस्कार का आधा हिस्सा रोजर पेनरोज को और दूसरा भाग संयुक्त रूप से रेनहार्ड जेनजेल और एंड्रिया घेज को दिया गया है।
रोजर पेनरोज(Roger Penrose)
भौतिक विज्ञान 2020 में नोबेल पुरस्कार 89 वर्षीय रोजर पेनरोज़ को उनकी खोज 'ब्लैक होल का गठन सापेक्षता के सामान्य सिद्धांत का एक मजबूत पूर्वानुमान है' के लिए प्रस्तुत किया गया है।
रेनहार्ड जेनजेल और एंड्रिया गेज़(Reinhard Genzel and Andrea Gies)
रेनहार्ड जेनजेल (68) और एंड्रिया घेज (55) को संयुक्त रूप से हमारी 'आकाशगंगा के केंद्र में एक सुपरसामिव कॉम्पैक्ट ऑब्जेक्ट की खोज' के लिए भौतिकी में नोबेल पुरस्कार 2020 मिला है।
रोजर पेनरोज के बारे में :
रोजर पेनरोज़ का जन्म 8 अगस्त 1931 को इंग्लैंड के कोलचेस्टर में हुआ था। उन्होंने यूनिवर्सिटी कॉलेज स्कूल में अध्ययन किया और यूनिवर्सिटी कॉलेज, लंदन से विज्ञान में स्नातक किया। उन्होंने सेंट जॉन्स कॉलेज, कैम्ब्रिज में पढ़ाई की और एमएससी और डीफिल की डिग्री हासिल की।
वह एमेरिटस राउज़ बॉल के प्रोफेसर हैं जो ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में गणित के प्रोफेसर हैं और सेंट जॉन्स कॉलेज, कैंब्रिज और यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूसीएल) के मानद साथी हैं।
रेइनहार्ड जेनजेल (Reinhard Genzel) के बारे में :
रेइनहार्ड जेनजेल का जन्म 24 मार्च 1952 को बैड होम्बर्ग वोर डेर होहे, पश्चिम जर्मनी (अब जर्मनी) में हुआ था। उन्होंने फ्रीबर्ग विश्वविद्यालय में अध्ययन किया और विज्ञान में स्नातक किया। उन्होंने बॉन विश्वविद्यालय में दाखिला लिया और एमएससी और डीफिल की डिग्री हासिल की। वह इन्फ्रारेड खगोल विज्ञान और सबमिलिमेट्रे खगोल विज्ञान के लिए जाने जाते हैं।
वह मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर एक्स्ट्राटेरेस्ट्रियल फिजिक्स के प्रोफेसर, एलएमयू में प्रोफेसर और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले में एमेरिटस प्रोफेसर हैं।
2. Nobel Prize in Medicine 2020
साल 2020 का चिकित्सा में नोबेल पुरस्कार हार्वे जे अल्टर(USA ), माइकल ह्यूटन(ब्रिटेन) और चार्ल्स एम राइस(USA ) को "हेपेटाइटिस सी" की खोज के लिए दिया गया है।
"रक्त-जनित हेपेटाइटिस, विश्व भर के लोगों में सिरोसिस और यकृत कैंसर का कारण बनता है।
3. Nobel Prize in Chemistry 2020
इस साल केमिस्ट्री का नोबेल जीनोम एडिटिंग का तरीका विकसित करने के लिए इमैनुएल कारपेंटियर(फ़्रांस) और जेनिफर ए डूडना(USA) को दिया गया है।
जेनिफर ए डूडना(Jennifer a dudna)
जेनिफर ए डूडना का जन्म साल 1964 में वाशिंगटन में हुआ था। वह यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कली में प्रोफेसर हैं। वहीं, इमैनुएल कारपेंटियर का जन्म साल 1968 में फ्रांस के जुविसी-सर-ओर्ग में हुआ था।
वह जर्मनी के बर्लिन में मैक्स प्लांक यूनिट फॉर दि साइंस ऑफ पैथोजेन्स की निदेशक हैं।
4. Nobel Prize in Peace 2020
नॉर्वे की नोबेल कमिटी ने ‘वर्ल्ड फूड प्रोग्राम’ या 'विश्व खाद्य कार्यक्रम' को भूख से लड़ने की कोशिशों, युद्धग्रस्त क्षेत्रों में शांति के लिए हालात बेहतर करने और जंग और विवाद की स्थिति में भूख को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किए जाने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने हेतु शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया।
विश्व खाद्य कार्यक्रम(World Food Programme)
- विश्व खाद्य कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र की खाद्य-सहायता शाखा है।
- यह दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संगठन है, जो सबसे बड़ा भूख और खाद्य सुरक्षा पर केंद्रित है, और स्कूल भोजन का सबसे बड़ा प्रदाता है।
- 1961 में इसकी स्थापना की गई थी।
- इसका मुख्यालय रोम में स्थित है।
5. Nobel Prize 2020 in Literature
साहित्य के लिए इस साल का नोबेल पुरस्कार अमरीकी कवयित्री लुईस ग्लिक को दिया गया है।
- ग्लिक का जन्म न्यूयॉर्क में साल 1943 में हुआ था। वह अमरीका के मैसेच्युसेट्स शहर में रहती हैं और फ़िलहाल येल विश्वविद्यालय में अंग्रेज़ी की प्रोफ़ेसर हैं।
- साल 2010 से लेकर अब तक वह चौथी ऐसी महिला हैं जिन्हें साहित्य का नोबेल पुस्कार दिया गया है।
- आख़िरी बार साल 1993 में अमरीकी लेखिका टोनी मरिसन को 1993 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया था।
- साल 2008 में ग्लिक को वालेस स्टीवेंस पुरस्कार, 2001 में उन्हें बोलिंजन प्राइज़ फ़ॉर पोएट्री और 2015 नेशनल ह्युमेनिटीज़ मेडल दिया गया।
- ग्लिक की कविताएं मानवीय दर्द, मौत, बचपन और परिवार की पृष्ठभूमि और उनकी जटिलताओं को बयां करती हैं।
- अपनी रचनाओं में वह ग्रीक पौराणिक कथाओं और उसके पात्रों, जैसे- पर्सपेफोन और एरीडाइस से भी प्रेरणा लेती हैं, जो अक्सर विश्वासघात का शिकार होते हैं।
- ग्लिक को साल 1993 में पुलित्ज़र पुरस्कार उनकी रचना 'द वाइल्ड आइरिश' के लिए दिया गया था। साल 2014 में उन्हें नेशनल बुक अवॉर्ड से नवाज़ा गया
6. Nobel Prize in Economics 2020
इस साल अर्थशास्त्र के क्षेत्र में दिया जाने वाला नोबेल पुरस्कार पॉल आर मिलग्रोम और रॉबर्ट बी विल्सन को दिया गया है।
पॉल आर मिलग्रोम और रॉबर्ट बी विल्सन, दोनों अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में कार्यरत हैं। इन्होंने अध्ययन किया कि नीलामी की प्रक्रिया कैसे काम करती है।
उन्होंने ऐसी वस्तुओं और सेवाओं के लिए (जैसे कि रेडियो फ्रीक्वेंसी) नए नीलामी प्रारूपों को तैयार किया, जिन्हें पारंपरिक तरीके से बेचना मुश्किल है। उनकी खोजों से दुनियाभर के विक्रेता, खरीदार और करदाताओं को लाभ पहुंचा है।
नोबेल पुरस्कार से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य :
- शांति के लिए दिए जाने वाला पुरस्कार ओस्लो में जबकि बाकी सभी अवार्ड स्टॉकहोम में दिए जाते हैं।
- किसी एक क्षेत्र में एक साल में अधिकतम 3 लोगों को अवार्ड दिया जा सकता है।
- अगर एक ही पुरस्कार 2 व्यक्तियों को सांझा रूप से मिला है तो धनराशि दोनों में बांटी जाएगी।
नोबेल पुरस्कार प्राप्त भारतीय(Nobel Prize recipient Indian)
भारत में अहिंसा की बदौलत आजादी दिलाने वाले महात्मा गांधी को 5 बार नामांकन मिला लेकिन उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार कभी नहीं मिला।
जिन भारतीय लोगों को नोबेल पुरस्कार मिला उनके नाम हैं
1. रवीन्द्रनाथ टैगोर- साहित्य(1913)
2. चन्द्रशेखर वेंकटरमन- भौतिकी(1930)
3. हरगोविन्द खुराना- मेडिसिन(1968)
4. मदर टेरेसा (Mother Teresa) - शांति(1979)
5. सुब्रह्मण्यन् चन्द्रशेखर- भौतिकी(1983)
6. अमर्त्य सेन (Amartya Sen) - अर्थशास्त्र(1998)
7. वीएस नायपॉल - साहित्य(2001)
8. वेंकटरामन रामकृष्णन- रसायन शास्त्र(2009)
9. कैलाश सत्यार्थी (Kailash Satyarthi) - शांति(2014 )
10. अभिजीत बनर्जी-अर्थशास्त्र(2019 )
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