समतल दर्पण में निर्मित प्रतिबिम्ब के गुण
1 समतल दर्पण से बनने वाला प्रतिबिम्ब सीधा ,आभासी ,तथा वस्तु के आकर का होता है तथा वस्तु दर्पण के सामने जीतनी दुरी पर होती है उसका प्रतिबिम्ब उतनी ही दुरी पर बनता है.
2 समतल दर्पण से बने प्रतिबिम्ब में पार्श्व परिवर्तन (Lateral Inversion ) हो जाता है ,अर्थात p आकार की वस्तु q आकार की दिखती है.समतल दर्पण की फोकस दुरी अनंत व क्षमता शुन्य होती है.
3 आपतित किरण को नियत रखते हुए जब दर्पण को कोण से घुमाया जाता है तो परवर्तित किरण 2 कोण से घूम जाती है.
4 यदि प्रकाश किरण किसी सतह पर अभिलम्बवत आपतित होती है तो परावर्तन के बाद वह अपने आपतित पथ पर वापस लौट जाती है.
5 जब दो दर्पण किसी कोण थीटा से झुके होते है और उनके परावर्तक ताल आमने -सामने होते है , तो उनके बनने वाले प्रतिबिम्बों की संख्या n निम्नलिखित सूत्र द्वारा ज्ञात की जाती है.
जब (360°/ ) सम संख्या होती है तो प्रतिबिम्बों की संख्या n= 360°/-1


0 टिप्पणियाँ