प्रकाश का परावर्तन एवं परावर्तन के नियम
मैक्सवेल ने बताया कि प्रकाश तरंगे वास्तव में विधुत चुम्बकीय तरंगे होती है,इन्हे संचरित होने के लिए माध्यम कि आवश्य्कता पड़ती है .ये तरंगे निर्वात में भी संचरित हो सकती है.प्रकाश तरंगो में परावर्तन(Reflection),अपवर्तन(Refrection),व्यतिकरण(Interface),विवर्तन(Diffraction),ध्रुवण(Polarization) आदि कि घटना होती है.
प्रकाश का परावर्तन (Reflection)
प्रकाश का परावर्तन प्रकाश का वह गुण है ,जिसके कारण वह किसी सतह से टकराकर उसी माध्यम में चला जाता है ,जिस माध्यम से वह आया था.जिस तल से प्रकाश का परावर्तन होता है ,उसे परावर्तक तल कहते है .परावर्तन कि घटना में माध्यम वही रहता है ,किन्तु प्रकाश का पथ बदल जाता है .
नोट : प्रकाश के परावर्तन में प्रकाश कि तीव्रता बदल जाती है ,लेकिन प्रकाश का तरंगदैध्र्य,आवृत्ति ,वेग नियत रहता है .
परावर्तन से सबंधित कुछ परिभाषाएं
1 आपतन कोण(Angle of Incidence) - आपतित किरण और अभिलम्ब के बीच के कोण को आपतन कोण कहते है .इसे i से प्रदर्शित करते है .
2 परावर्तन कोण(Angle of Reflection) -परावर्तित किरण और अभिलम्ब के बीच के कोण को आपतन कोण कहते है .इसे r से प्रदर्शित करते है.
परावर्तन के नियम(Law of Reflection)
परावर्तन के दो नियम होते है -
1 आपतन कोण सदैव परावर्तन कोण के बराबर होता है अर्थात् ∠i = ∠r
2 आपतित किरण ,परावर्तित किरण और अभिलम्ब किरण तीनों एक ही तल में होते है
परावर्तन के प्रकार(Types of Reflection)
परावर्तन दो प्रकार का होता है -
1 नियमित परावर्तन(Regular Reflection)- इस प्रकार के परावर्तन में प्रकाश का परावर्तन चमकदार सतह (जैसे दर्पण) से होता है .इस प्रकार के परावर्तन में आपतित किरणे व परावर्तित किरणे एक दूसरे के समान्तर होती है .एक मनुष्य कांच में अपना चेहरा नियमित परावर्तन के कारण ही देख पाता है .
2 अनियमित परावर्तन - इस प्रकार के परावर्तन में प्रकाश का परावर्तन किसी खुरदुरी सतह (जैसे दीवार,कागज आदि )से होता है .इस प्रकार के परावर्तन में आपतित किरणे व परावर्तित किरणे एक दूसरे के समान्तर नहीं होती है.किसी व्यक्ति द्वारा समाचार पत्र का पढ़ा जाना अनियमित परावर्तन का उदहारण है .




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