डॉलफिन (Dolphins) बहुत ही प्यारी मछलियां होती हैं जो इंसान को भावनात्मक प्रतिक्रिया तक देने में सक्षम होती हैं. भारत में गंगा (Ganges) नदी में डॉलफिन विशेष तौर पर पाई जाती हैं जिनका अस्तित्व खतरे में हैं इसीलिए भारत के प्रधानमंत्री ने इस साल 15 अगस्त को प्रजोक्ट डॉलफिन (Project Dolphins) का ऐलान किया.
प्रोजकेट डॉलफिन (Dolphins) भारत में अपने अस्तित्व से जूझ रहीं डॉलफिन (Dolphins) को बचाने और उनकी जनसंख्या को बढ़ाने के लिए शुरू किया गया है. यह प्रोजकेट टाइगर की ही तरह होगा जिसका उद्देश्य बाघों की जनसंख्या बढ़ाना था.
इस प्रोजोक्ट में भारत में नदी और समुद्री डॉलफिन (Dolphins) दोनों को बचाने पर ध्यान दिया जाएगा. देश के राष्ट्रीय जलीय जीव (National Aquatic animal) डॉलफिन के संरक्षण के बारे में बहुत पहले से मांग हो रही थी.
गंगा नदी में विशेष तरह की डॉलफिन (Dolphins) रहती हैं. यह दुनिया भर में केवल पांच नदी में रहने वाली डॉलफिन प्रजातियों में से एक है. यह भारत में गंगा ब्रह्मापुत्र-मेघना और कार्नाफुली सांगु रिवर सिस्टम में पाई जाती हैं.
एक समय था जब डॉलफिन (Dolphins) गंगा नदी में हिमालय से बंगाल की खाड़ी के मुहाने तक पाई जाती थीं, लेकिन प्रदूषण के अलावा डैम और बैराज बनने से उनकी संख्या बहुत कम होती गई. सरकारी आंकड़ों के मताब कि उत्तर प्रदेश में अब केवल 1272 और आसम में 962 डॉलफिन रह गईं हैं.
डॉलफिन (Dolphins) के संरक्षण के लिए बहुत से कानून और योजनाएं बनीं हैं जिनमें डॉलफिन के शिकार पर पाबंदियों से लेकर, नदियों और नहरों के बहाव को बनाए रखने के प्रयास भी शामिल हैं. अब डॉलफिन को देश का राष्ट्रीय जलीय पशु घोषित किया गया है और 5 अक्टूबर को नेशनल गंगा रिवर डॉलफिन डे के रूप में मनाया जाता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलफिन (Dolphins) संरक्षण का सबंध भारतीय नदियों की स्वच्छता, उनके निर्बाध प्रवाह से ज्यादा है. नदियों का जितना प्राकृतिक रूप हम लौटाएं डॉलफिन संरक्षण में हमें उतनी ही ज्यादा सफलता मिल सकती है.


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