शिंजो आबे के इस्तीफे के बीच जापान का शेयर बाजार धराशायी हो गया है. यह दूसरी बार है जब स्वास्थ्य कारणों से आबे को अपना पद छोड़ना पड़ा है. इससे पहले उन्होंने 2007 में एक साल तक ऑफिस में रहने के बाद अपना पद छोड़ा था. वह दोबारा 2012 में भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापस लौटे थे. उधर, जापान के सत्ताधारी दल ने कहा है कि आबे की तबीयत ठीक है. अब आबे ने आधिकारिक रूप से अपने पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. बताया जा रहा है कि पिछली बार जब आबे हॉस्पिटल गए थे तब वह करीब 7 घंटे तक वहां रहे थे. उनका कार्यकाल सितबंर 2021 तक है. गत सोमवार को आबे ने अपने कार्यालय में 8 साल पूरे कर लिए और वह जापान के सबसे ज्यादा समय तक रहने वाले प्रधानमंत्री बन गए थे.
शिंजो को लंबे समय से आंत से जुड़ी बीमारी अल्सरट्रेटिव कोलाइटिस है. इसमें आंत में सूजन हो जाता है. इसी बीमारी की वजह से शिंजो को 2007 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के एक साल बाद इस्तीफा देना पड़ा था. अब वे नियमित इलाज करके अपनी इस बीमारी को कंट्रोल में रखते हैं. पहले इस बीमारी के लिए सही इलाज मौजूद नहीं था. इस बीमारी में सही ढंग से खाना न खाने और तनाव लेने से स्थिति बिगड़ने की संभावना बनी रहती है.
जापानी मीडिया के मुताबिक, 18 अगस्त को जब शिंजो आबे को तबीयत खराब होने पर अस्पताल ले जाया गया था, तब करीब सात घंटे तक उनका चेकअप चलता रहा. इस बीच मीडिया में कई तरह की बातें सामने आईं, लेकिन बाद में पीएमओ की ओर से बयान जारी किया गया कि आबे ठीक हैं. इससे पहले साल 2007 में शिंजो आबे ने कुछ वक्त का ब्रेक लिया था, तब उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल के शुरुआती दिन थे.
बीते सोमवार ही शिंजो आबे ने अपने कार्यालय में 8 साल पूरे कर लिए, जिसके बाद वह जापान के सबसे ज्यादा समय तक रहने वाले प्रधानमंत्री बन गए थे. इससे पहले लंबे समय तक इस पद पर पूर्व प्रधानमंत्री तारा कतसूरा रह चुके हैं. वह 1901 से 1913 के बीच इस पद पर तीन बार प्रधानमंत्री बने थे.
आबे दिसंबर 2019 में भारत दौरे पर आने वाले थे, लेकिन तब नागरिकता कानून को लेकर गुवाहाटी में उपजे विवाद के बाद उन्होंने अपना दौरा रद्द कर दिया था.


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