भारत में मानव अन्तरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ के लिए प्रशिक्षण रूस में शुरू हो गया है। इस मिशन में भारतीय वायुसेना के चार पायलट हिस्सा लेंगे। इन पायलट्स को रूस में प्रशिक्षण दिया जायेगा।
साल 2022 के शुरुआती महीने में गगनयान अभियान की होगी लॉन्चिंग
इसके लिए 12 भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों का चयन किया जाएगा
इन 12 में से चार भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों का चयन रूस करेगा
रूस इन चार चयनित भारतीयों को नवंबर से 15 महीने की ट्रेनिंग देगा
भारत अपने कम-से-कम तीन अंतरिक्ष यात्रियों को 5 से 7 दिन के लिए अंतरिक्ष में भेजेगा
साल 2022 के शुरुआती महीने में गगनयान अभियान की होगी लॉन्चिंग
इसके लिए 12 भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों का चयन किया जाएगा
इन 12 में से चार भारतीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी गगनयान परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। इस मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान के लिए 2022 के शुरुआती महीने का लक्ष्य निर्धारित है। गगनयान मिशन के लिए चयनित होने वाले 12 संभावित भारतीय अंतिरक्ष यात्रियों में से चार का चयन रूस करेगा और उन्हें अपने यहां प्रशिक्षण भी देगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम नवंबर महीने से शुरू होगा और 15 महीने तक चलेगा। इस मिशन पर 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। मिशन के निर्धारित लक्ष्यों के मुताबिक, भारत अपने कम-से-कम तीन अंतरिक्ष यात्रियों को 5 से 7 दिन के लिए अंतरिक्ष में भेजेगा जहां वे विभिन्न प्रकार के माइक्रो-ग्रैविटी टेस्ट को अंजाम देंगे। य अंतरिक्ष यात्रियों का चयन रूस करेगा
रूस इन चार चयनित भारतीयों को नवंबर से 15 महीने की ट्रेनिंग देगा
भारत अपने कम-से-कम तीन अंतरिक्ष यात्रियों को 5 से 7 दिन के लिए अंतरिक्ष में भेजेगा
गगनयान मिशन के लिए GLSV Mk-III लांच व्हीकल का उपयोग किया जायेगा। मिशन गगनयान के स्पेस क्राफ्ट में एक क्रू मोड्यूल तथा एक सर्विस मोड्यूल होगा। इसका भार लगभग 7 टन होगा। इस मिशन में तीन अन्तरिक्ष यात्रियों को 5-7 दिन के लिए अन्तरिक्ष में भेजा जायेगा। इस स्पेसक्राफ्ट को पृथ्वी की कक्षा में 300-400 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थापित किया जायेगा। क्रू मोड्यूल का आकार 3.7 मीटर तथा सर्विस मोड्यूल का आकार 7 मीटर होगा।


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