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इक्वेडोर ने लिया ओपेक की सदस्यता छोड़ने का निर्णय


इक्वेडोर  ने हाल ही में ओपेक समूह की सदस्यता छोड़ने का निर्णय लिया।  
क़तर का यह निर्णय 1 जनवरी, 2020 से लागू हो जायेगा।
इक्वेडोर ने यह निर्णय आंतरिक वित्तीय समस्याओं के कारण यह निर्णय लिय है।

ओपेक (OPEC)

मोहम्मद बरकिंडो ओपेक के महासचिव हैं।
ओपेक एक अंतरसरकारी संगठन है, इसमें 15 तेल निर्यातक देश शामिल हैं। 
इसकी स्थापना 1960 में इराक के बगदाद में की गयी गयी थी। इसका मुख्यालय ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना
 में स्थित है।
ओपेक का उद्देश्य पेट्रोलियम नीति पर सदस्य देशों के साथ समन्वय करना है तथा तेल बाज़ार की स्थिरता  
तथा पेट्रोलियम की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

ओपेक देश विश्व के कुल 43% तेल का उत्पादन करते हैं, विश्व के तेल भंडार का 73% हिस्सा ओपेक देशों में स्थित है। ओपेक का दो तिहाई मध्य पूर्व के देशों द्वारा ही किया जाता है।

ओपेक के सदस्य
इक्वेडोर  ने हाल ही में ओपेक समूह की सदस्यता छोड़ने का लिया। क़तर का यह निर्णय 1 जनवरी, 2020 से लागू हो जायेगा। इक्वेडोर ने यह निर्णय आंतरिक वित्तीय समस्याओं के कारण यह निर्णय लिय है।

ओपेक (OPEC)

मोहम्मद बरकिंडो ओपेक के महासचिव हैं।
ओपेक एक अंतरसरकारी संगठन है, इसमें 15 तेल निर्यातक देश शामिल हैं। इसकी स्थापना 1960 में इराक के बगदाद में की गयी गयी थी। इसका मुख्यालय ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना में स्थित है। ओपेक का उद्देश्य पेट्रोलियम नीति पर सदस्य देशों के साथ समन्वय करना है तथा तेल बाज़ार की स्थिरता  तथा पेट्रोलियम की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

ओपेक देश विश्व के कुल 43% तेल का उत्पादन करते हैं, विश्व के तेल भंडार का 73% हिस्सा ओपेक देशों में स्थित है। ओपेक का दो तिहाई मध्य पूर्व के देशों द्वारा ही किया जाता है।

ओपेक के सदस्य

एशिया व मध्य पूर्व : ईरान, इराक, सौदरी अरब, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और क़तर
अफ्रीका : अल्जीरिया, अंगोला, लीबिया, नाइजीरिया, भूमध्य गिनी तथा गाबोन
दक्षिण अमेरिका : इक्वेडोर तथा वेनेज़ुएला
एशिया व मध्य पूर्व : ईरान, इराक, सौदरी अरब, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और क़तर
अफ्रीका : अल्जीरिया, अंगोला, लीबिया, नाइजीरिया, भूमध्य गिनी तथा गाबोन
दक्षिण अमेरिका : इक्वेडोर तथा वेनेज़ुएला


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