भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन (ISRO) और रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन (DRDO) मानव अन्तरिक्ष उड़ान के लिए ‘ह्युमन सेंट्रिक सिस्टम्स’ के विकास के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किये। इसरो ने 2022 तक भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाँठ के अवसर पर देश की मानवीय अन्तरिक्ष उड़ान की क्षमता प्रदर्शित करने का लक्ष्य रखा है।
इसरो के वैज्ञानिकों के प्रतिनिधिमंडल तथा DRDO लैब्स के बीच मानवीय अन्तरिक्ष उड़ान के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किये हैं। DRDO द्वारा अन्तरिक्ष भोजन, स्पेस क्रू के स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग, आपातकालीन किट, क्रू मोड्यूल की सफल रिकवरी के लिए पैराशूट, रेडिएशन मापन तथा सुरक्षा इत्यादि के लिए किट्स इसरो को उपलब्ध करवाई जायेंगी। यह समझौते निम्नलिखित संगठनों के निर्देशकों द्वारा किये गये :
- एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टाब्लिशेमेंट (ADRDE)
- डिफेन्स फ़ूड रिसर्च लेबोरेटरी (DFRL)
- डिफेन्स बायो-इंजीनियरिंग एंड इलेक्ट्रो मेडिकल लेबोरेटरी (DEBEL)
- डिफेन्स लेबोरेटरी (DL) जोधपुर
- सेंटर फॉर फायर, एक्स्प्लोसिव्स एंड एनवायरनमेंट सेफ्टी (CFEES)
- डिफेन्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ फिजियोलॉजी एंड अलाइड साइंसेज (DIPAS)
- इंस्टिट्यूट ऑफ़ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलाइड साइंसेज (INMAS)


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