विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय नेल्सन मंडेला दिवस 18 जुलाई 2019 को मनाया जाता है. रंगभेद के विरुद्ध लड़ाई लड़नेवाले विश्व नेता के रूप में नेल्सन मंडेला को जाना जाता है.
मंडेला दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को बेहतर कार्यों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें अच्छे उद्देश्यों हेतु एक दूसरे का सहयोग करने के लिए प्रेरित करना है. यह दिवस इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकतंत्र की स्थापना के लिए उनके द्वारा किये गए संघर्ष और योगदान द्वारा विश्वभर में शांति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भी मनाया जाता है.
संयुक्त राष्ट्र महासभा
संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा नवम्बर 2009 में नेल्सन मंडेला दिवस मनाये जाने का प्रस्ताव पारित किया. यह प्रस्ताव पारित होने के बाद पहली बार 18 जुलाई 2010 को नेल्सन मंडेला दिवस मनाया गया. संयुक्त राष्ट्र द्वारा यह दिवस नेल्सन मंडेला द्वारा दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद एवं भेदभावपूर्ण प्रणाली को समाप्त करने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के कारण मनाने का प्रस्ताव रखा गया.
नेल्सन मंडेला के बारे में:
• नेल्सन मंडेला का जन्म 18 जुलाई 1918 को म्वेज़ो, दक्षिण अफ़्रीका में हुआ था.
• नेल्सन मंडेला अपने देश और दुनियाभर के लोगों को शिक्षित, खुशहाल और समृद्ध देखना चाहते थे. वे शिक्षा को विश्व को बदलने का सबसे बड़ा
• वे 10 मई 1994 को दक्षिण अफ्रीका के पहला अश्वेत राष्ट्रपति बने थे.
• उनका 05 दिसम्बर 2013 को फेफड़ों में संक्रमण हो जाने के कारण हॉटन, जोहान्सबर्ग स्थित अपने घर में निधन हो गया था. हथियार मानते थे.
• उन्होंने स्कूल और कॉलेज की शिक्षा पूरी करने के बाद कानून की पढ़ाई की, जिसने उन्हें अन्याय के विरुद्ध लड़ने की ताकत दी.
नेल्सन मंडेला के कुछ मुख्य विचार
• शिक्षा बहुत बड़ा हथियार है, जिसका उपयोग विश्व को बदलने के लिए किया जा सकता है.
• जब तक काम किया ना जाए वो असंभव ही लगता है.
• एक अच्छा दिमाग तथा एक अच्छा दिल हमेशा से विजयी जोड़ी रहे हैं.
लोग प्यार से नेल्सन मंडेला को मदीबा बुलाते थे. गांधी जी के विचारों से मंडेला काफी प्रभावित भी थे. नेल्सन मंडेला ने उनके ही विचारों से ही प्रभावित होकर रंगभेद के खिलाफ अभियान शुरू किया था. अहिंसा और असहयोग के बलबूते उनके अभियान को ऐसी सफलता मिली कि उन्हें अफ्रीका का गांधी पुकारा जाने लगा.

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