
बर्फ की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस पर 5 घंटे में चढ़ना, 4 घंटे वहां रुकना और 3 घंटे में उतर आना वाकई मेरे लिए उस सपने के समान है, जिसे मैंने खुली आंखों से देखा और पूरा भी किया। यह इतना आसान भी नहीं था जितना सुनने में लगता है, क्योंकि यहां पल-पल बदलता मौसम कई चुनौती पेश करता है। मगर संकल्प मजबूत हो तो नामुमकिन कुछ भी नहीं। यह कहना और सफरनामा है 22 वर्षीय मधुसूदन पाटीदार का, जो हाल ही में यूरोप के 5 हजार 642 मीटर ऊंचे बर्फीले पहाड़ माउंट एल्ब्रस पर भारत का तिरंगा फहराकर लौटे हैं।
राऊ के रहने वाले मधुसूदन ने 12 घंटे में उस चोटी पर चढ़कर अपना नाम इतिहास में दर्ज करा दिया, जिसे अमूमन लोग 8 से 9 दिन मे पूरा करते हैं। दुनिया के 7 महाद्वीपों की 7 सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ने की ख्वाहिश रखने वाले मधुसूदन बताते हैं कि अभी तक कोई भी भारतीय माउंट एल्ब्रस पर इतने कम समय में चढ़ाई नहीं कर सका है। मेरा शुरू से ही यह लक्ष्य था कि कम से कम वक्त में मुझे यह चढ़ाई करना है। इसके लिए मैंने सबसे पहले खुद को फिट रखने के लिए अपना थोड़ा वजन बढ़ाया, क्योंकि चढ़ाई के दौरान वजन कम होना तय था। इसके अलावा अपने साथ ले जाए जाने वाले सामान का वजन कम किया फिर भी करीब 20 किलो वजन मेरी पीठ पर था। जिसमें टेंट, गर्म कपड़े, स्लीपिंग बैग, खाना आदि जरूरी सामान शामिल था।

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