
अटन नगर अर्थात नई राजधानी में रेलवे कनेक्टिविटी परियोजना को शुरू करने 160 करोड़ रुपए खर्च होंगे। नए शहर में तेजी से आबादी बसाने के लिए मंदिर हसौद से केंद्री तक 20 किमी रेल के बीच में पांच मॉडल स्टेशन बनाने की योजना है।
स्टेशन बनाने के लिए रेलवे ने डिजाइन फाइनल कर दिया और अटल नगर प्राधिकरण (एएनवीपी) ने टेंडर भी फाइनल कर दिया। लेकिन स्टेशन बनाने का काम दो महीने बाद भी शुरू नहीं हो सका है। अब शासन से राशि जल्द ही मिलेगी और काम निर्माण कार्य शुरू होगा।
जानकारी के मुताबिक एएनवीपी प्रशासन के पास पैसा ही नहीं है कि वह यहां निर्माण कार्य शुरू करवा सके। अफसरों से मिली जानकारी के मुताबिक बजट की किल्लत इतनी है कि कहीं भी नया काम शुरू करना संभव नहीं है। ऐसे में एएनवीपी प्रशासन बजट का इंतजार कर रहा है और इसी चक्कर में नई राजधानी की रेल परियोजना में ग्रहण लग गया है। नई ट्रैक पर चार स्टेशन बनाएगा। रेलवे से एमओयू के मुताबिक एनआरडीए को स्टेशन अपने खर्च पर बनवाने हैं। 160 सौ करोड़ रुपए की लागत से स्टेशनों का निर्माण होना है। इनमें से केंद्री को छोड़कर बाकी स्टेशन एएनवीपी बनाएगा। इनमें नया रायपुर, उद्योग नगर, सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट और मुक्तांगन स्टेशन शामिल हैं। सभी स्टेशन आने वाले 30 साल के प्लान के हिसाब से बनाए जाएंगे, ताकि नए रायपुर की आबादी 15 लाख से अधिक होने के बाद भी स्टेशनों में जगह की कमी महसूस न हो। लेकिन बजट के अभाव में स्टेशन बनाने के लिए जमीनी स्तर पर कोई काम शुरू नहीं हो सका है। तय डिजाइन के मुताबिक नई रेल लाइन में 4 अंडरब्रिज, एक ओवरब्रिज और 2 सब-वे बनना है।
नई रेल लाइन में सेक्टर-6 के पास एयरपोर्ट के नजदीक 1 किमी तक अंडरग्राउंड रेलवे ट्रैक बनना है। यह सतह से 3-4 मीटर अंदर चलेगा और ऊपर से खुला रहेगा।
लेकिन इसका काम भी नहीं हो सका है, क्योंकि रेलवे को एएनवीपी ने पैसा ही नहीं दिया। तय अनुबंध के अनुसार रेलवे को 37 करोड़ रुपए देने हैं, लेकिन अभी तक करीब दस करोड़ रुपए ही एएनवीपी ने दिया है। इसी वजह से सुरंग व अंडरग्राउंड बनाने का काम ठप है।

0 टिप्पणियाँ